आज का समय ऐसा बन चुका हैं की पढ़ाई में लोग काफी लापरवाही करने लगे हैं क्युकी लोगो को लगता हैं की पढ़ाई उनके लिए काफी बोझ है जिस कारण वह पढ़ाई बिलकुल नहीं करना चाहते। लेकिन आज कल के युवा यह भूल चुके है की पढ़ाई एक ऐसा साधन है जिसके जरिए हम अपनी मंजिल को हासिल कर सकते हैं देखा जाए तो आज कल के समय में लोग पढ़ाई को लेकर इतने आलसी बन चुके हैं की एक कार्य करने के लिए इतने बहाने बनाते है की जिससे वो काम न कर सके। लोगो के जीवन में अन्य कामों को लेकर भी इतना आलस भर चुका है की कोई भी काम वो सही तरीके से नहीं कर पाते। वर्तमान के समय में आलस का सबसे बड़ा उदाहरण है सरकारी कर्मचारी जो सरकार से अपने वेतन तो पूरा लेते है लेकिन काम की बात आए तो उनके छक्के छुटने लगते हैं। लेकिन इस सोच को आज गलत साबित किया है एक ऐसी शिक्षक ने जो आज शिक्षा के मामले में देश के लिए मिसाल बनी हैं।क्युकी उस शिक्षक का मानना हैं की जितनी ज़रूरी बच्चो के लिए पढ़ाई हैं उतना जरूरी बच्चो के लिए कुछ भी नही। इस शिक्षक ने अपने शिक्षक होने के फर्ज को अच्छे से निभाया और पढ़ाई के मामले में कभी भी अपने पेशे से लापरवाही नहीं की। आइए जानते हैं इनकी कहानी के बारे में…..
आज हम आपको एक ऐसी शिक्षक के बारे में बताएंगे। जिन्होने अपनी नौकरी के कर्तव्य को बेहद कुशलतापूर्वक पूर्ण कर रही है वे अपने इस कार्य के लिए आई मुश्किलों का सामना कर अपनी मंजिल तक पहुंच रही है।
** जानते हैं उस महिला के बारे में…..
आज हम जिनकी बात कर रहे है उस महिला का नाम बिनोदिनी सामल (Binodini Samal) है जो ओडिशा (Odisha) के ढेंकनाल जिला की रहने वाली है। यह महिला की सोच बच्चो की शिक्षा को लेकर काफी नेक है क्युकी यह चाहती है की हर देश का बच्चा शिक्षित हो। क्युकी पड़ेगा इंडिया तभी बढ़ेगा इंडिया। यह महिला 11 सालो से बच्चो को शिक्षा देने का काम कर रही हैं वह इनका इरादा शिक्षा को लेकर काफी जुनून भरा है जिसके लिए यह कुछ भी कर सकती है। आप यह बात सुन कर हैरान हो रहे होंगे की आज के समय में ऐसे शिक्षक कहा देखने को मिलते है? लेकिन आपको बता दे की यह महिला जो शिक्षा को लेकर काफी चौकना रहती हैं वह चाहती है की कोई भी बच्चा शिक्षा से वांछित न रहे।
साथ ही जब मौसम भी खराब होता है जिसकी वजह से पूल पार करने में काफी दिक्कत आती है। लेकिन बिनोदिनी सामल (Binodini Samal) जो इतनी मुश्किलों का सामना करने के बाद भी स्कूल की कभी छुट्टी नहीं ली और हमेशा बच्चो को पढ़ाने में आगे रही है। उनका कहना है की बरसात के मौसम में वो जगह इतनी खराब होती है की जिसमे उन्हे आने जाने में काफी कठिनाई होती है जिसको देख उनके परिवार वाले उन्हे कही बार छुट्टी लेने के लिए कहते है लेकिन उन्होंने आज तक कभी छुट्टी नी ली और समय पर स्कूल पहुंचती रही है।
बिनोदिनी सामल (Binodini Samal) शिक्षा को लेकर इतनी जुनून भरी है की वे शिक्षा को देने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है जो पिछले 11 सालो से अपने कर्तव्य को इतनी शिद्दत से निभा रही। जिससे देख लोग इनसे प्रेरणा लेने लगे हैं क्युकी हमारे समाज में ऐसे शिक्षको को बेहद जरूरत है जो बच्चो को शिक्षा दे कर उनका भविष्य अच्छा बनाए।
हमारे समाज में शिक्षक शिक्षा की अहमियत को भूल चुके है जिसकी वजह से बच्चो का भविष्य खतरे में है क्युकी आज के समय में शिक्षा एक खेल बन चुकी। जिसने बच्चो की जिंदगी के साथ खेला जा रहा है ऐसे में बिनोदिनी सामल (Binodini Samal) आज देश के हर शिक्षक के लिए मिसाल बनी। जो बच्चो को शिक्षा देने के लिए अपनी जी जान और मेहनत से हर कार्य कर रही है। हमारे समाज में ऐसे शिक्षको की बेहद जरूरत हैं जो बच्चो के भविष्य को बेहतर बना सके वे उनको अच्छी शिक्षा दे कर उन्हे कामयाब इंसान बना सके और देश को भी इनसे प्रेरणा लेकर शिक्षा के लिए जागरूक होना चाहिए।


0 टिप्पणियाँ
पहले आप पोस्ट पढें